राजस्थान सरकार अपनी मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से उन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, जो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 50,000 रुपये तक का अल्पकालिक/शार्ट टर्म कार्यशील पूंजी ऋण 7% ब्याज सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराया जाएगा।
राजस्थान मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना की मुख्य विशेषताएं | |
|---|---|
| योजना का नाम | राजस्थान मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना। |
| शुरुआत की तिथि | वर्ष 2024. |
| प्रदान किए जाने वाले लाभ | 50 हजार रूपये तक का शार्ट टर्म ऋण। |
| पात्र लाभार्थी | असंगठित क्षेत्र के श्रमिक/ स्ट्रीट विक्रेता। |
| नोडल विभाग | राजस्थान स्थानीय स्वशासन विभाग। |
| आवेदन कैसे करें | ऑनलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से। |
| योजना अंग्रेजी में पढ़े | Rajasthan Mukhyamantri Svanidhi Yojana. |
| फ्री योजना अपडेट | व्हाट्सएप | टेलीग्राम |

राजस्थान मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना का परिचय : एक संक्षिप्त विवरण
केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में देश के रेहड़ी-पटरी वालों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी। राजस्थान राज्य में कई लोग इस योजना का लाभ नहीं ले पाए थे। इन वंचित लोगों को शामिल करने और उन्हें व्यवसाय हेतु आसान ऋण उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार की पहल के अनुरूप प्रदेश में “मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना” (Rajasthan Mukhyamantri Svanidhi Yojana) शुरू की है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद और असहाय परिवारों को उनके व्यवसाय के लिए अल्पकालिक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना का संचालन राजस्थान सरकार के स्थानीय स्वशासन विभाग द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थियों को तीन चरणों में कोलैटरल फ्री शार्ट-टर्म व्यावसायिक ऋण प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना में ऋण की तीन श्रेणियां हैं। पहली श्रेणी में 10,000 रूपये, दूसरी में 20,000 रूपये और तीसरी में 50,000 रूपये का ऋण शामिल है। पहली बार आवेदन करने वाले लाभार्थी को 10,000 रूपये का ऋण उनके व्यवसाय हेतु दिया जाएगा, जिसे 12 महीनों में चुकाना होगा। यदि यह ऋण समय पर चुकाया जाता है तो अगले स्तर के 20,000 रूपये के ऋण के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा, जिसकी चुकौती अवधि 18 महीने होगी। इसके बाद 50,000 रूपये के ऋण के लिए आवेदन किया जा सकता है, जिसकी अवधि 36 महीने होगी।
इस योजना के तहत वितरित ऋण पूरी तरह से कोलैटरल फ्री है और लाभार्थी को किसी संपत्ति को गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा, राजस्थान सरकार द्वारा ऋण पर 7% की ब्याज सब्सिडी भी प्रदान की जाती है, जिससे छोटे व्यवसायियों और स्ट्रीट वेंडर्स को वित्तीय राहत मिलती है।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, कूड़ा बीनने वाले, फेरीवाले, घरेलू कामगार, परिवहन कर्मचारी या कोई भी श्रमिक जिन्होंने केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना का लाभ नहीं उठाया है, वे राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। आवेदन करते समय आवेदक के पास जन आधार कार्ड और शहरी स्थानीय निकाय या नगर निगम या किसी भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अनुशंसा पत्र या लाइसेंस होना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन राजस्थान सरकार के SSO पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। लाभार्थी पोर्टल पर जाकर शार्ट-टर्म ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं और राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ उठा सकते हैं। यदि किसी परिवार में कोई कारीगर या शिल्पकार है तो वे केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
राजस्थान सरकार द्वारा संचालित अन्य सभी योजनाओं की पूरी सूची देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।
व्यवसाय हेतु शार्ट टर्म ऋण के लिए पात्र स्ट्रीट वेंडर
राजस्थान राज्य के निम्नलिखित स्ट्रीट वेंडर सरकार की मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 50,000/- रुपये तक के अल्पकालिक/ शार्ट टर्म कार्यशील पूंजी ऋण और 7% ब्याज सब्सिडी का लाभ उठाने के पात्र हैं:
- असंगठित क्षेत्र के श्रमिक।
- परिवहन श्रमिक।
- घरेलू कामगार।
- गृह निर्माण श्रमिक।
- फेरीवाले।
- कचरा बीनने वाले।
- कारीगर या शिल्पकार।
- कोई अन्य श्रमिक/ स्ट्रीट वेंडर जो प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभार्थी नहीं है।

पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ
राजस्थान सरकार द्वारा संचालित अपनी मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत राज्य के सभी पात्र असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों/ स्ट्रीट वेंडरों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे:
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पात्रता की आवश्यक शर्तें
7% ब्याज अनुदान के साथ 50,000/- रुपये तक का शार्ट टर्म ऋण का लाभ केवल उन्हीं आवेदकों को प्रदान किया जाएगा जिनके द्वारा राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना की निम्नलिखित पात्रता की शर्तों को पूर्ण किया जायेगा:
- राजस्थान का स्थायी निवासी आवेदक ही आवेदन करने के लिए पात्र है।
- लाभार्थी आवेदक के पास शहरी क्षेत्र का जन आधार कार्ड होना चाहिए।
- आवेदक स्ट्रीट वेंडर की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
- लाभार्थी आवेदक के पास संबंधित विभाग द्वारा जारी अनुशंसा पत्र/ लाइसेंस होना चाहिए।
- आवेदक केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए।
संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के तहत व्यवसाय के लिए दिए जाने वाले शार्ट टर्म ऋण हेतु आवेदन करते समय लाभार्थी आवेदक के पास निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए:
- शहरी क्षेत्र का जन आधार कार्ड।
- आवेदक का आधार कार्ड।
- मतदाता पहचान पत्र।
- कोई भी निवास का प्रमाण पत्र।
- कार्य के संबंध में अनुशंसा पत्र/ लाइसेंस।
- मोबाइल नंबर।
- ईमेल आईडी।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी कैसे आवेदन कर सकते हैं
जो पात्र स्ट्रीट वेंडर या असंगठित क्षेत्र के श्रमिक केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं, वे राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का आवेदन पत्र राज्य सरकार के सिंगल साइन-ऑन (SSO) पोर्टल पर उपलब्ध है, जहां से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
आवेदन करने के लिए सबसे पहले आवेदक को SSO पोर्टल खोलकर अपने जीमेल आईडी या जन आधार कार्ड नंबर की सहायता से पंजीकरण करना होगा।

पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोर्टल द्वारा आवेदक का यूजरनेम और पासवर्ड ईमेल के माध्यम से भेज दिया जाएगा। इसके बाद प्राप्त क्रेडेंशियल्स की सहायता से आवेदक को SSO पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।

लॉगिन करने के बाद आवेदक को डैशबोर्ड पर उपलब्ध योजनाओं में से मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना को खोजकर उस पर क्लिक करना होगा।

इसके बाद एक नई विंडो खुलेगी, जिसमें आवेदक को “नया आवेदन करें” विकल्प पर क्लिक करना होगा और यहीं से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।

अब आवेदक को अपना जन आधार कार्ड नंबर दर्ज करना होगा और सत्यापन के लिए ओटीपी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

जन आधार सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदक को उस परिवार के सदस्य का चयन करना होगा जो योजना के लिए आवेदन करना चाहता है। इसके बाद आवेदन पत्र में व्यक्तिगत जानकारी, संपर्क विवरण, बैंक खाता जानकारी तथा व्यवसाय से संबंधित विवरण सावधानीपूर्वक भरने होंगे।
सभी आवश्यक जानकारी भरने के बाद जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे और आवेदन पत्र को अंतिम रूप से सबमिट करना होगा। इसके पश्चात शहरी स्थानीय निकाय या नगर निगम के अधिकारी आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे।
सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र स्ट्रीट वेंडर्स की सूची संबंधित बैंक को भेज दी जाएगी और बैंक द्वारा ऋण की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस योजना के तहत दिया जाने वाला ऋण पूरी तरह से कोलैटरल फ्री होता है, जिससे लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की गारंटी देने की आवश्यकता नहीं होती।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यदि लाभार्थी समय पर ऋण की किस्तों का भुगतान नहीं करते हैं, तो बैंक अपने नियमों के अनुसार शुल्क या जुर्माना लगा सकते हैं।
आवेदन करने के बाद आवेदक SSO पोर्टल पर लॉगिन करके अपने आवेदन की स्थिति भी आसानी से देख सकते हैं। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए आवेदक अपने जिला केंद्र या संबंधित कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
उपलब्ध महत्वपूर्ण लिंक
- राजस्थान सिंगल साइन-ऑन पोर्टल।
- राजस्थान मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के दिशानिर्देश।
- राजस्थान स्थानीय स्वशासन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट।
सहायता के लिए संपर्क विवरण
- राजस्थान सरकार के स्थानीय स्वशासन विभाग का संपर्क नंबर :- 0141 2226722
- राजस्थान सरकार के स्थानीय स्वशासन विभाग का संपर्क ईमेल :- dlb.lsg@rajasthan.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना क्या है?
मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना राजस्थान सरकार द्वारा संचालित एक कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और स्ट्रीट वेंडर्स को 50,000 रुपये तक का अल्पकालिक ऋण और 7% ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। - कौन इस योजना के लिए पात्र है?
राजस्थान का स्थायी निवासी असंगठित क्षेत्र का श्रमिक/स्ट्रीट वेंडर जो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभार्थी नहीं है। आवेदक के पास शहरी क्षेत्र का जन आधार कार्ड और संबंधित विभाग द्वारा जारी अनुशंसा पत्र या लाइसेंस होना चाहिए। आयु सीमा 18 से 60 वर्ष है। - ऋण की राशि और किस्तें कितनी हैं?
– पहली श्रेणी: 10,000 रुपये, चुकौती अवधि 12 महीने।
– दूसरी श्रेणी: 20,000 रुपये, चुकौती अवधि 18 महीने।
– तीसरी श्रेणी: 50,000 रुपये, चुकौती अवधि 36 महीने।
सभी ऋण कोलैटरल फ्री है और 7% ब्याज सब्सिडी दी जाती है। - क्या मुझे कोई संपत्ति गिरवी रखनी होगी?
नहीं, मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के तहत वितरित ऋण पूरी तरह कोलैटरल फ्री है। - आवेदन कैसे करें?
आवेदन राजस्थान सरकार के SSO पोर्टल (https://sso.rajasthan.gov.in/register) के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। पंजीकरण के बाद यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करके नया आवेदन शुरू किया जा सकता है। - आवेदन करने के लिए कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
– शहरी क्षेत्र का जन आधार कार्ड
– आधार कार्ड
– मतदाता पहचान पत्र
– निवास प्रमाण पत्र
– कार्य से संबंधित अनुशंसा पत्र/लाइसेंस
– मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी - ऋण राशि बैंक खाते में कैसे प्राप्त होगी?
सत्यापन के बाद पात्र स्ट्रीट वेंडर्स की सूची संबंधित बैंक को भेजी जाएगी और बैंक सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ऋण की राशि ट्रांसफर करेगा। - यदि मैं समय पर ऋण चुकता नहीं करता तो क्या होगा?
यदि लाभार्थी समय पर ऋण की किस्तों का भुगतान नहीं करता, तो बैंक अपने नियमों के अनुसार शुल्क या जुर्माना लगा सकता है। - मैं अपने आवेदन की स्थिति कैसे देख सकता हूँ?
SSO पोर्टल पर लॉगिन करके लाभार्थी अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। - किससे संपर्क करें यदि सहायता की आवश्यकता हो?
– राजस्थान सरकार के स्थानीय स्वशासन विभाग का संपर्क नंबर: 0141 2226722
– ईमेल: dlb.lsg@rajasthan.gov.in
तबस्सुम पिछले 5 वर्षों से केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर शोध और लेखन कार्य कर रही हैं। अब तक कृषि, महिला कल्याण, शिक्षा और आवास जैसे क्षेत्रों की 500 से अधिक योजनाओं की जानकारी सरल हिंदी भाषा में प्रदान की है, ताकि हर पात्र नागरिक अपने अधिकारों को समझ सके और योजनाओं का लाभ उठा सके।
