महाराष्ट्र दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना

महाराष्ट्र सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाहित दिव्यांग दंपतियों को सरकार द्वारा 1,50,000/- रुपये से लेकर 2,50,000/- रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना में लाभ लेने के लिए न्यूनतम आवश्यक दिव्यांगता का प्रतिशत 40% होना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए पूरा लेख पढ़ें।

महाराष्ट्र दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना की मुख्य विशेषताएं
योजना का नाममहाराष्ट्र दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना।
शुरुआत की तिथि17-06-2014.
प्रदान किए जाने वाले लाभविवाह हेतु वित्तीय प्रोत्साहन।
पात्र लाभार्थीविवाहित दिव्यांग जोड़ा।
नोडल विभागमहाराष्ट्र राज्य का दिव्यांगजन कल्याण विभाग।
आवेदन कैसे करेंआवेदन पत्र के माध्यम से।
योजना अंग्रेजी में पढ़ेMaharashtra Divyang Shadi Protsahan Yojana.
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महाराष्ट्र दिव्यांगजन शादी प्रोत्साहन योजना की जानकारी।

महाराष्ट्र दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना का परिचय: एक संक्षिप्त विवरण

  • महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिनांक 17 जून, 2004 को राज्य में दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना (Maharashtra Divyang Shadi Protsahan Yojana) शुरू की गयी थी।
  • सरकार की यह एक विवाह प्रोत्साहन योजना है जिसे विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए शुरू किया गया है।
  • इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग विवाहित जोड़ों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे आसानी से अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू कर सकें।
  • महाराष्ट्र सरकार के दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा इस योजना का संचालन किया जा रहा है।
  • इस पहल के माध्यम से महाराष्ट्र सरकार द्वारा अब दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह के लिए एकमुश्त वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान की जाएगी।
  • यदि किसी दिव्यांग और गैर-दिव्यांग व्यक्ति के बीच विवाह संपन्न होता है तो सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से 1,50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इसका अर्थ यह है कि जब दूल्हा या दुल्हन में से कोई भी एक व्यक्ति दिव्यांग होता है तो दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत उनके विवाह के लिए प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता 1,50,000 रुपये होगी।
  • और, जब दूल्हा और दुल्हन दोनों व्यक्तियों के मध्य विवाह संपन्न होता है, तो महाराष्ट्र सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 2,50,000/- रूपये की प्रोत्साहन राशि देय होगी।
  • सरकार द्वारा पहले इस योजना के तहत 50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाती थी जिसे इसी ही वर्ष बढ़ाया गया है।
  • इस योजना के तहत दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह के लिए वित्तीय सहायता राशि तभी देय होगी जब लाभार्थियों की दिव्यांगता का प्रतिशत 40% या उससे अधिक होगा।
  • इस योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी विवाहित दंपत्ति को उप-पंजीयक कार्यालय में अपने विवाह के सफल पंजीकरण के बाद 1 वर्ष के भीतर आवेदन किया जा सकता हैं।
  • महाराष्ट्र सरकार की इस योजना के तहत केवल पहली बार शादी करने वाले ही वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पात्र हैं, लेकिन तलाकशुदा व्यक्तियों को भी इस योजना में लाभ लेने के लिए छूट दी गई है।
  • यदि किसी तलाकशुदा व्यक्ति ने पहले इस योजना का लाभ नहीं उठाया है, तो वे इस योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
  • दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना का कोई ऑनलाइन आवेदन पत्र या आधिकारिक पोर्टल फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
  • महाराष्ट्र सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत ऑफलाइन आवेदन जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जा सकता है।
  • हमारे पाठकों द्वारा महाराष्ट्र सरकार की सभी योजनाओं की पूरी सूची यहां देखी जा सकती है।
  • और यदि दुल्हन पात्र है तो वह महाराष्ट्र सरकार की “मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना” के लिए भी आवेदन कर सकती है जिसमें सरकार द्वारा मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

महाराष्ट्र दिव्यांग शादी प्रोत्साहन योजना के लाभ

पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ

  • महाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित अपनी दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के माध्यम से सभी पात्र लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-
    • दिव्यांग व्यक्तियों को उनके विवाह के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
    • यदि दूल्हा या दुल्हन में से कोई भी दिव्यांग है, तो विवाह सहायता के रूप में 1,50,000/- रुपये प्रदान किए जाएंगे।
    • यदि दूल्हा और दुल्हन दोनों दिव्यांग हैं, तो विवाह सहायता के रूप में 2,50,000/- रुपये प्रदान किए जाएंगे।
    • विवाह प्रोत्साहन राशि का 50% हिस्सा सावधि जमा के रूप में सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।

पात्रता की आवश्यक शर्तें

  • महाराष्ट्र सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाह के लिए वित्तीय सहायता केवल उन्हीं लाभार्थियों को प्रदान की जाएगी जिनके द्वारा योजना की निम्नलिखित पात्रता की शर्तों को पूर्ण किया जायेगा :-
    • दूल्हा या दुल्हन में से कोई एक महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होना चाहिए।
    • दूल्हा या दुल्हन, या दोनों, की दिव्यांगता का प्रतिशत न्यूनतम 40 होना चाहिए।
    • दूल्हा और दुल्हन की यह पहली शादी होनी चाहिए।
    • यदि किसी तलाकशुदा दूल्हा या दुल्हन को पहले इस योजना का लाभ नहीं मिला है तो वे भी आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
    • आवेदन करने से पहले विवाह का पंजीकरण होना अनिवार्य है।
    • विवाह सहायता के लिए आवेदन विवाह के एक वर्ष के भीतर किया जाना आवश्यक है।

संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज

  • महाराष्ट्र सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाह के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता हेतु आवेदन करते समय आवेदक को आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने आवश्यक हैं :-
    • यूडीआईडी कार्ड या दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
    • विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र।
    • दूल्हा और दुल्हन का आधार कार्ड।
    • दूल्हा और दुल्हन के संयुक्त बैंक खाते का विवरण।
    • महाराष्ट्र का निवास प्रमाण पत्र।
    • मोबाइल नंबर।
    • ईमेल आईडी।
    • स्व-घोषणा पत्र।

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी कैसे आवेदन कर सकते हैं

  • महाराष्ट्र सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाह के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता के लिए पात्र विवाहित दंपत्ति, जिनमें से एक या दोनों दिव्यांग हों, ऑफलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
  • यहाँ ये जान लेना जरुरी है की विवाह हो जाने के एक वर्ष के भीतर वित्तीय प्रोत्साहन के लिए आवेदन करना अनिवार्य है।
  • महाराष्ट्र सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना का आवेदन पत्र निम्नलिखित कार्यालयों में से नि:शुल्क प्राप्त किया जा सकता है :-
    • जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी के कार्यालय।
    • जिला समाज कल्याण अधिकारी का कार्यालय।
    • जिला परिषद कार्यालय।
    • समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त के कार्यालय।
    • मुंबई शहरी या मुंबई उपनगरीय कार्यालय से।
  • लाभार्थी आवेदक को ऊपर दिए गए किसी भी सरकारी कार्यालयों में से दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा और उसे बिना किसी गलती के सही ढंग से भरना होगा।
  • आधार कार्ड, यूडीआईडी कार्ड या विकलांगता प्रमाण पत्र, संयुक्त बैंक खाते की पासबुक की प्रति, निवास प्रमाण पत्र और विवाह पंजीकरण जैसे सभी आवश्यक दस्तावेजों को आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना होगा।
  • समस्त विवरण भरा हुआ आवेदन पत्र और उसके साथ सभी संलग्न दस्तावेज आवेदक को जिला दिव्यांगता सशक्तिकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा कर देने होंगे।
  • विवाह के लिए वित्तीय प्रोत्साहन हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों का प्रारंभिक सत्यापन डीडीईओ द्वारा किया जाएगा।
  • इसके बाद पात्र लाभार्थियों की सूची को आगे के सत्यापन और विवाह के लिए मिलने वित्तीय सहायता की राशि के वितरण के लिए चयन समिति को भेज दिया जाएगा।
  • अंत में चयनित विवाहित जोड़े को महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली विवाह सहायता राशि सीधे उनके संयुक्त खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी।
  • महाराष्ट्र सरकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के संबंध में किसी भी प्रकार की सहायता या सहयोग की आवश्यकता होने पर जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

उपलब्ध महत्वपूर्ण लिंक

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