अगर आपने 31-10-2025 या उससे पहले लद्दाख स्थित पवित्र सिंधु नदी की यात्रा की है, तो राजस्थान सरकार आपकी इस यात्रा का खर्च वापस दे सकती है। सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को यात्रा पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति दी जाती है। पूरी जानकारी के लिए यह लेख अंत तक जरूर पढ़ें।
राजस्थान सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना की मुख्य विशेषताएं | |
|---|---|
| योजना का नाम | राजस्थान सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना। |
| शुरुआत की तिथि | 01-04-2016. |
| प्रदान किए जाने वाले लाभ | खर्चे की प्रतिपूर्ति अधिकतम 15 हजार रूपये तक। |
| पात्र लाभार्थी | सिन्धु नदी के दर्शन करने वाले लाभार्थी। |
| नोडल विभाग | देवस्थान विभाग। |
| आवेदन कैसे करें | आवेदन पत्र के माध्यम से। |
| योजना अंग्रेजी में पढ़े | Sindhu Darshan Tirth Yatra Yojana. |
| फ्री योजना अपडेट | व्हाट्सएप | टेलीग्राम |

राजस्थान सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना का परिचय: एक संक्षिप्त विवरण
राजस्थान सरकार ने दिनांक 01-04-2016 को राज्य में Sindhu Darshan Tirth Yatra Yojana की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता देना है जो लद्दाख स्थित सिंधु नदी पर होने वाले सिंधु दर्शन उत्सव में भाग लेना चाहते हैं। इस योजना का संचालन राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा किया जा रहा है।
अब राज्य का कोई भी निवासी यात्रा के खर्च की चिंता किए बिना लद्दाख स्थित पवित्र सिंधु नदी की यात्रा कर सकता है। सरकार इस यात्रा के दौरान होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति कर रही है, जिसमें कुल खर्च का 50% या अधिकतम ₹15,000 तक की राशि वापस दी जाती है। यह सहायता राशि तभी दी जाती है जब तीर्थयात्री यात्रा पूरी करने के बाद टिकट, रसीदें और अन्य खर्च के प्रमाण जमा करता है।
राजस्थान का कोई भी स्थायी निवासी जिसकी आयु 21 वर्ष या उससे अधिक है और जिसने 31-10-2025 या उससे पहले लद्दाख स्थित सिंधु नदी की यात्रा की है, वह इस योजना के तहत आवेदन कर सकता है। हालांकि, आयकर दाता, केंद्र या राज्य सरकार के वर्तमान या पूर्व कर्मचारी, और भिक्षा वृत्ति पर जीवन-यापन करने वाले व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
वर्तमान में आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है। पात्र आवेदक देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय से सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करके आवेदन कर सकते हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद प्रतिपूर्ति की राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में भेज दी जाती है। इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31-12-2025 है।
राजस्थान के वरिष्ठ नागरिक सरकार की “वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना” के तहत मुफ्त यात्रा का लाभ ले सकते हैं। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग के लोग “डॉ. भीमराव अंबेडकर पंच तीर्थ योजना” के तहत बाबा साहेब से जुड़े 5 पवित्र स्थलों की यात्रा कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए राजस्थान सरकार की सभी योजनाओं की पूरी सूची भी देख सकते हैं।
पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ
राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 31-10-2025 या उससे पहले लद्दाख स्थित सिन्धु नदी की पवित्र यात्रा करने वाले लाभार्थी आवेदकों को सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के तहत निम्न लाभ प्रदान किये जायेंगे:
- आर्थिक सहायता प्रतिपूर्ति (रीइम्बर्समेंट) के रूप में प्रदान की जाएगी।
- सिन्धु दर्शन की यात्रा में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति आवेदक को की जाएगी।
- प्रतिपूर्ति की राशि यात्रा पर हुवे कुल खर्च का 50% या अधिकतम 15,000/- रूपये तक हु देय होगा।
पात्रता की आवश्यक शर्तें
लद्दाख स्थित सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति का लाभ केवल राजस्थान सरकार द्वारा केवल उन्हीं लाभार्थियों को दिया जाएगा जिनके द्वारा सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना की निम्नलिखित पात्रता की शर्तों को पूर्ण किया जायेगा:
- राजस्थान के स्थायी निवासी आवेदक ही पात्र हैं।
- आवेदक की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
- आवेदक केंद्र या राज्य सरकार का वर्तमान या सेवानिवृत्त कर्मचारी नहीं होना चाहिए।
- आवेदक द्वारा 31-10-2025 से पहले अपनी सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा पूरी कर ली गयी हो।
- आवेदक भिक्षा वृत्ति पर जीवन यापन नहीं कर रहा होना चाहिए।
संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज
राजस्थान सरकार की सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के आवेदन पत्र के साथ लाभार्थी आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होंगे:
- राजस्थान का मूल निवास का प्रमाण।
- परिवार का जन आधार कार्ड।
- तीर्थ यात्रा के दौरान हुए खर्च का प्रमाण (टिकट, रसीदें)।
- लद्दाख की सरकारी पंजीकृत सोसाइटी या ट्रस्ट द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
- सिन्धु नदी पर स्थित सिंधु दर्शन घाट की तस्वीरें।
- खारदुंगला पास का इनर लाइन परमिट।
- बैंक खाता संख्या और IFSC कोड।
- नवीनतम रंगीन फ़ोटो।
- मोबाइल नंबर।
- आवेदक का आधार कार्ड नंबर।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी कैसे आवेदन कर सकते हैं
यदि आपने 31-10-2025 या उससे पहले लद्दाख स्थित सिंधु नदी की यात्रा की है, तो आप राजस्थान सरकार की सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के तहत अपने यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है और आप राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग के कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन पत्र मिलने के बाद उसे ध्यानपूर्वक और सही जानकारी के साथ भरें। इसके साथ सभी जरूरी दस्तावेज जैसे टिकट, रसीदें और यात्रा खर्च से जुड़े प्रमाण संलग्न करें। इसके बाद भरे हुए सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के आवेदन पत्र को सभी दस्तावेजों के साथ देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त के कार्यालय में जमा करें।
देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त आपके आवेदन और दस्तावेजों की जांच करेंगे और पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करेंगे। इसके बाद चयनित आवेदकों की सूची आगे की स्वीकृति के लिए उदयपुर स्थित देवस्थान विभाग के आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी। अंतिम चयन देवस्थान विभाग द्वारा लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें 200 आवेदकों को चुना जाएगा।
चयनित लाभार्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से सूचना दी जाएगी। इसके बाद योजना के तहत अधिकतम ₹15,000 तक की प्रतिपूर्ति राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
यदि आपको योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता चाहिए, तो आप देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त से संपर्क कर सकते हैं। इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है।
अगर आप पात्र हैं, तो देरी न करें और समय सीमा से पहले आवेदन जरूर करें ताकि आप इस योजना का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
उपलब्ध महत्वपूर्ण लिंक
- राजस्थान सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना का आवेदन पत्र।
- राजस्थान सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के आधिकारिक दिशानिर्देश।
- राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट।
सहायता के लिए संपर्क विवरण
- राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग का संपर्क नंबर :- 0294 2524813.
- राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग का संपर्क ईमेल :- hq.dev@rajasthan.gov.in.
- राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग के फोन नंबर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. राजस्थान सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना क्या है?
यह राजस्थान सरकार की एक योजना है, जिसके तहत लद्दाख स्थित सिंधु नदी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति दी जाती है।
Q2. इस योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
इस योजना में यात्रा पर हुए कुल खर्च का 50% या अधिकतम ₹15,000 तक की राशि लाभार्थी को दी जाती है।
Q3. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
राजस्थान का स्थायी निवासी, जिसकी आयु 21 वर्ष या उससे अधिक है और जिसने 31-10-2025 या उससे पहले सिंधु नदी की यात्रा की है, वह इस योजना का लाभ ले सकता है।
Q4. क्या आयकर दाता इस योजना के लिए पात्र हैं?
नहीं, आयकर दाता इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
Q5. क्या सरकारी कर्मचारी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
नहीं, केंद्र या राज्य सरकार के वर्तमान या सेवानिवृत्त कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
Q6. आवेदन कैसे किया जा सकता है?
इस योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन किया जाता है। आवेदन पत्र देवस्थान विभाग के कार्यालय से प्राप्त करके जमा करना होता है।
Q7. आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।
Q8. आवेदन के साथ कौन-कौन से दस्तावेज लगाने होते हैं?
आवेदक को यात्रा से जुड़े प्रमाण जैसे टिकट, रसीदें, फोटो, पहचान पत्र, बैंक विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं।
Q9. पैसा कब और कैसे मिलेगा?
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद प्रतिपूर्ति की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
Q10. क्या बिना यात्रा किए आवेदन किया जा सकता है?
नहीं, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिन्होंने पहले ही सिंधु नदी की यात्रा पूरी कर ली है।
Q11. चयन प्रक्रिया कैसे होती है?
सभी आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाता है और कुछ मामलों में लॉटरी प्रणाली भी लागू की जाती है।
Q12. योजना से जुड़ी सहायता के लिए कहाँ संपर्क करें?
आप देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
तबस्सुम पिछले 5 वर्षों से केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर शोध और लेखन कार्य कर रही हैं। अब तक कृषि, महिला कल्याण, शिक्षा और आवास जैसे क्षेत्रों की 500 से अधिक योजनाओं की जानकारी सरल हिंदी भाषा में प्रदान की है, ताकि हर पात्र नागरिक अपने अधिकारों को समझ सके और योजनाओं का लाभ उठा सके।
