उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेरोजगार निवासी अब सरकार की वित्तीय सहायता से अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत, पात्र आवेदक स्वरोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए 2 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक के रियायती ऋण प्राप्त कर अपना खुद व्यवसाय शुरू कर सकते है।
उत्तर प्रदेश बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना की मुख्य विशेषताएं | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना। |
| शुरुआत की तिथि | 14-11-2019. |
| प्रदान किए जाने वाले लाभ | व्यवसायों के लिए रियायती ऋण। |
| पात्र लाभार्थी | ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार आवेदक। |
| नोडल विभाग | ग्रामीण विकास विभाग। |
| आवेदन कैसे करें | ऑफलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से। |
| योजना अंग्रेजी में पढ़े | Baba Saheb Ambedkar Rojgar Protsahan Yojana. |
| फ्री योजना अपडेट | व्हाट्सएप | टेलीग्राम |

उत्तर प्रदेश बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना का परिचय: एक संक्षिप्त विवरण
उत्तर प्रदेश राज्य के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अभी भी स्थिर रोज़गार पाने में कठिनाई होती है और वे अक्सर काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर जाते हैं। इससे न केवल आर्थिक दबाव बढ़ता है बल्कि पारिवारिक स्थिरता भी प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान और ग्राम स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक विशेष सहायता योजना शुरू की है।
बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 14 नवंबर 2019 को किया गया था। यह योजना पहले “अंबेडकर विशेष रोजगार योजना” के नाम से जानी जाती थी। इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करना और व्यक्तियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस योजना का संचालन किया जायेगा।
इस योजना के तहत, सरकार आवेदकों को 2 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के रियायती ऋण प्रदान करेगी ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय या सेवा-आधारित कार्य शुरू कर सकें। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को सब्सिडी, कौशल प्रशिक्षण और ऋण की किश्तें शुरू होने से पहले एक वर्ष की मोहलत के का लाभ भी प्रदान किया जायेगा।
यह योजना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण निवासियों के लिए उपलब्ध है जिनकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच है और जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं है। सभी श्रेणियों और धर्म के लोग बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना में आवेदन कर सकते हैं। सरकार द्वारा चयन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना में किये जाने वाले आवेदन की आवेदन प्रक्रिया बिलकुल सरल और पूरी तरह से ऑफलाइन है। इच्छुक आवेदकों को ब्लॉक विकास अधिकारी के कार्यालय या जिला ग्रामीण विकास कार्यालय से फॉर्म प्राप्त करना होगा, आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करने के बाद इसे जमा करना होगा और ऋण प्राप्त करने से पहले चयन और साक्षात्कार प्रक्रिया से गुजरना होगा।
योजना में ऋण प्राप्त करने के बाद लाभार्थी आवेदन अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकते है।
प्रदेश के लोग बिजली बिल राहत योजना जैसी अन्य योजनाओं का भी लाभ ले सकते है जिसमे लंबित बिजली बिल अधिभार पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राहत प्रदान की जा रही है।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पूरी सूची यहां देखी जा सकती है।

पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ
- व्यवसाय शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के रियायती ऋण सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जायेंगे।
- अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग आवेदकों को व्यवसाय की कुल लागत का 35% या अधिकतम 70,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
- सामान्य श्रेणी के आवेदकों को व्यवसाय की कुल लागत का 25% या अधिकतम 50,000 रुपये की सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
- आवेदक व्यावसायिक क्षेत्र में 2 लाख रुपये तक और सेवा या उद्योग क्षेत्र में 5 लाख रुपये तक के रियायती ऋण का लाभ लेकर व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
- सरकार द्वारा आवेदकों को अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक चलाने में मदद करने के लिए कौशल प्रशिक्षण सहायता भी प्रदान की जाएगी।
पात्रता की आवश्यक शर्तें
- आवेदक उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- किसी भी वर्ग या धर्म के आवेदक आवेदन कर सकते हैं।
- अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के आवेदकों, विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।
- जो आवेदक पहले ही पीएम मुद्रा योजना या पीएमईजीपी से लाभान्वित हो चुके हैं, वे आवेदन के लिए पात्र नहीं हैं।
संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड।
- उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र।
- वार्षिक आय प्रमाण पत्र।
- जाति प्रमाण पत्र।
- बैंक खाते का विवरण और IFSC कोड।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- व्यापार योजना/ परियोजना रिपोर्ट।
- मोबाइल नंबर।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी कैसे आवेदन कर सकते हैं
इस योजना के लिए आपको ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करना होगा। सरकार द्वारा बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया सरल और आसान ही रखी है।
सबसे पहले, आपको बाबा साहेब अंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा। आप इसे ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय या जिला ग्रामीण विकास कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन पत्र प्राप्त होने के बाद, सभी आवश्यक विवरण को सही तरीके से भरना होगा। आपको ये भी सुनिश्चित करना होगा की आपके द्वारा सही जानकारी प्रदान की जाए और कोई भी महत्वपूर्ण फ़ील्ड खाली न छोड़ी जाए।
फॉर्म भरने के बाद, सभी आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करने होंगे। जमा करने से पहले, फॉर्म को ध्यानपूर्वक जांच लें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह पूर्ण रूप से सही भरा गया है।
अब फॉर्म को उसी कार्यालय में जमा करना होगा जहाँ से आपने इसे प्राप्त किया था। यदि आप कार्यालय जाने में असमर्थ हैं, तो आप आवेदन पत्र को पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी भेज सकते हैं।
आवेदन जमा करने के बाद, ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) द्वारा आपके आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन किया जायेगा। इस सत्यापन के आधार पर, पात्र आवेदकों की एक सूची तैयार की जाएगी।
यदि आपका नाम सूची में आता है, तो आपको साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। चयन समिति साक्षात्कार आयोजित करेगी और आपके व्यावसायिक विचार और योग्यता के आधार पर आपके आवेदन का मूल्यांकन करेगी।
साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद, समिति द्वारा चयनित लाभार्थियों की सूची बनाई जाएगी। इसके बाद यह चुने गए लाभार्थियों की सूची ऋण वितरण की आगे की प्रक्रिया के लिए बैंक को भेजी जाती है।
अंत में, बैंक द्वारा ऋण राशि को किश्तों में सीधे आपके बैंक खाते में जारी कर दी जाएगी ताकि आप अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
यदि आपको आवेदन प्रक्रिया के दौरान कोई समस्या आती है तो आप सहायता के लिए अपने बीडीओ कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
उपलब्ध महत्वपूर्ण लिंक
- बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के दिशानिर्देश।
- उत्तर प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट।
सहायता के लिए संपर्क विवरण
- उत्तर प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग हेल्पलाइन नंबर :- 18001805999
- उत्तर प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग संपर्क नंबर :-
- 0522 2286015
- 0522 2286022
- उत्तर प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग ईमेल :- crd-up@nic.in
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना क्या है?
बाबा साहेब अम्बेडकर रोज़गार प्रोत्साहन योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण बेरोजगार व्यक्तियों को रियायती ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई एक स्व-रोज़गार योजना है।
2. इस योजना के अंतर्गत कितनी ऋण राशि उपलब्ध कराई जाती है?
पात्र आवेदक अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर 2 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के रियायती ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
3. इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए कौन पात्र है?
उत्तर प्रदेश राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के स्थायी निवासी जिनकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच है और जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है, वे आवेदन कर सकते हैं।
4. क्या इस योजना के तहत कोई सब्सिडी उपलब्ध है?
जी हां, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग आवेदक 35% तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं, जबकि सामान्य श्रेणी के आवेदक 25% तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
5. मैं इस योजना के लिए आवेदन कैसे कर सकता/ सकती हूँ?
आपको बीडीओ कार्यालय या जिला ग्रामीण विकास कार्यालय से फॉर्म प्राप्त करके और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करके ऑफलाइन आवेदन करना होगा।
तबस्सुम पिछले 5 वर्षों से केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर शोध और लेखन कार्य कर रही हैं। अब तक कृषि, महिला कल्याण, शिक्षा और आवास जैसे क्षेत्रों की 500 से अधिक योजनाओं की जानकारी सरल हिंदी भाषा में प्रदान की है, ताकि हर पात्र नागरिक अपने अधिकारों को समझ सके और योजनाओं का लाभ उठा सके।
