राजस्थान मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना

मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना राजस्थान सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं की सहायता और मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार के लिए शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है। इस योजना के तहत, पात्र गर्भवती महिलाओं को 6,000 रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं। लाभार्थी अपने नजदीकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मदद से आवेदन कर सकते हैं।

राजस्थान मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना की मुख्य विशेषताएं
योजना का नामराजस्थान मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना।
शुरुआत की तिथि19-11-2020.
प्रदान किए जाने वाले लाभ6,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
पात्र लाभार्थीराजस्थान की गर्भवती महिलाएं।
नोडल विभागमहिला एवं बाल विकास विभाग।
आवेदन कैसे करेंऑफलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से।
योजना अंग्रेजी में पढ़ेMukhyamantri Matritva Poshan Yojana.
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राजस्थान मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के लाभ

राजस्थान मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना का परिचय: एक संक्षिप्त विवरण

मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है। यह योजना विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उन्हें आवश्यक पोषण उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

इस योजना की शुरुआत पहले “इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना” के रूप में 19 नवंबर 2020 को की गई थी, जिसे बाद में वर्तमान सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना” के नाम से लागू किया गया। नाम बदलने के बावजूद इसका मूल उद्देश्य – माताओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण प्रदान करना – आज भी बरकरार है।

वर्तमान में इस योजना का संचालन राजस्थान सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों तक योजना का लाभ प्रभावी तरीके से पहुँचाया जा सके।

इस योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को कुल 6,000 रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसे सीधे उनके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से तीन चरणों में भेजा जाता है। गर्भावस्था के पंजीकरण पर 1,000 रूपये, कम से कम दो प्रसवपूर्व जांच पूरी करने पर 1,000 रूपये, और बच्चे के जन्म के बाद 4,000 रूपये की अंतिम किस्त दी जाती है।

यह योजना मुख्य रूप से उन महिलाओं के लिए लागू की गई है जो अपने दूसरे बच्चे के साथ गर्भवती हैं। हालांकि, जो महिलाएं पहले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पंजीकृत हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकती हैं। इसके अलावा, कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे पहली गर्भावस्था में जुड़वां बच्चों का जन्म या पुनर्विवाह की स्थिति में पहले से अधिक बच्चों का होना भी पात्रता को प्रभावित करता है।

आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं आसानी से इसका लाभ उठा सकें। लाभार्थी महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकती हैं, जो उन्हें पंजीकरण और आवेदन की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

राज्य में इस योजना के सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिले हैं। अब तक 5 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को लगभग 170 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है, जो इस योजना की उपयोगिता को दर्शाता है।

इसके साथ ही, राजस्थान सरकार गर्भवती महिलाओं को अन्य योजनाओं के माध्यम से भी सहयोग प्रदान कर रही है। उदाहरण के लिए, माँ वाउचर योजना के तहत मुफ्त सोनोग्राफी/ अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री सुपोषण पोषण किट योजना के अंतर्गत पोषण किट प्रदान की जाती है, जिसमें मां और बच्चे के लिए आवश्यक पौष्टिक सामग्री शामिल होती है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना राजस्थान की महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी और उपयोगी पहल साबित हो रही है।

महिला लाभार्थी राजस्थान सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पूरी सूची यहां देख सकती हैं।

राजस्थान मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना स्टेटस

पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ

राजस्थान सरकार द्वारा अपनी मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के माध्यम से दूसरी संतान की उम्मीद कर रही सभी पात्र गर्भवती महिलाओं को निम्नलिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे:

  • गर्भवती महिला लाभार्थियों को 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • 6,000 रुपये की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में 3 किस्तों में हस्तांतरित की जाएगी।
  • प्रारंभिक जांच के दौरान गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद 1,000 रुपये की पहली किस्त जारी की जाएगी।
  • प्रसवपूर्व दो जांच पूरी होने के बाद 1,000 रुपये की दूसरी किस्त जारी की जाएगी।
  • 4,000 रुपये की तीसरी किस्त बच्चे के जन्म के बाद जारी की जाएगी।

पात्रता की आवश्यक शर्तें

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत दूसरी संतान के गर्भधारण के लिए वित्तीय सहायता का लाभ केवल उन्हीं गर्भवती महिलाओं को दिया जाएगा जिनके द्वारा योजना की निम्नलिखित पात्रता की शर्तों को पूर्ण किया जायेगा:

  • राजस्थान की स्थायी निवासी महिला आवेदक पात्र हैं।
  • आवेदन करने वाली महिलाएँ अपने दूसरे बच्चे के लिए गर्भवती होनी चाहिए।
  • पीएम मातृ वंदना योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थी पात्र नहीं होंगी।

योजना की अपात्रता की शर्तें

मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना का लाभ प्रदेश की उन गर्भवती महिलाओं को नहीं दिया जाएगा जो नीचे दी गयी श्रेणियों में से किसी एक में आती हैं:

  • यदि किसी महिला को पहली गर्भावस्था से जुड़वां बच्चे हुए हों।
  • पुनर्विवाह की स्थिति में, यदि पति या पत्नी में से किसी के भी पिछले विवाह से एक से अधिक बच्चे हों।
  • एक महिला लाभार्थी को एक ही समय में “मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना” और “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना” दोनों का लाभ नहीं मिल सकता है ।
  • केंद्र/ राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में कार्यरत महिलाएं।

संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना में आवेदन करते समय लाभार्थी आवेदक को आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों को संलग्न करना होगा :

  • जन आधार कार्ड या भामाशाह कार्ड।
  • महिला आवेदक का आधार कार्ड।
  • बैंक खाता संख्या और IFSC कोड।
  • ममता कार्ड या पहली प्रसवपूर्व गर्भावस्था जांच रिपोर्ट।
  • मोबाइल नंबर।

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी कैसे आवेदन कर सकते हैं

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना का लाभ उठाने के लिए महिला लाभार्थियों को ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना होता है। इसके लिए सबसे पहले लाभार्थी महिला को अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या एएनएम कार्यकर्ता कार्यालय पर जाना होगा, जहाँ से वह इस योजना का आवेदन पत्र नि:शुल्क प्राप्त कर सकती है।

आवेदन पत्र प्राप्त करने के बाद उसमें मांगी गई सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक और सही तरीके से भरना जरूरी है। इसके साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेजों को भी संलग्न करना होता है। पूरी तरह से भरा हुआ आवेदन पत्र उसी आंगनवाड़ी केंद्र में जमा करना होता है, जहाँ से इसे लिया गया था।

इसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा आवेदन पत्र का प्रारंभिक सत्यापन किया जाता है। यदि महिला पात्र पाई जाती है, तो आवेदन को आगे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के पास भेजा जाता है, जहाँ अधिकारियों द्वारा पुनः जांच की जाती है। सत्यापन पूरा होने के बाद लाभार्थी महिला का विवरण राजस्थान सरकार के PCTS पोर्टल पर दर्ज कर उसे योजना के अंतर्गत पंजीकृत किया जाता है।

सफल पंजीकरण के बाद योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। इसके लिए अलग से हर किश्त के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती है। आमतौर पर पंजीकरण के लगभग 30 दिनों के भीतर पहली किस्त जारी कर दी जाती है।

अगर योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता की आवश्यकता हो, तो महिला लाभार्थी अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकती हैं।

उपलब्ध महत्वपूर्ण लिंक

सहायता के लिए संपर्क विवरण

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