हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना

हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना के तहत हरियाणा सरकार पात्र महिलाओं को 10 कार्य दिवस का निःशुल्क ई-रिक्शा ड्राइविंग प्रशिक्षण, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में सहायता, प्रशिक्षण वजीफा, यात्रा व्यय प्रतिपूर्ति तथा ई-रिक्शा खरीदने पर 50% तक सब्सिडी प्रदान करती है। योजना के लिए आवेदन hwdcl.org पर किए जा सकते हैं।

हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना की मुख्य विशेषताएं
योजना का नामनारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना
अधिसूचना जारी होने की तिथि30 सितंबर 2025
राजपत्र प्रकाशन तिथि17 नवंबर 2025
योजना के लाभ
  • 10 कार्य दिवस का निःशुल्क ई-रिक्शा ड्राइविंग प्रशिक्षण
  • ई-रिक्शा खरीदने पर 50% तक सब्सिडी
  • ड्राइविंग लाइसेंस सहायता, प्रशिक्षण वजीफा और यात्रा व्यय प्रतिपूर्ति
पात्र लाभार्थीहरियाणा की 18 से 45 वर्ष आयु की पात्र महिलाएं
नोडल विभागमहिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा
कार्यान्वयन एजेंसीहरियाणा महिला विकास निगम (HWDC)
प्रशिक्षण अवधि10 कार्य दिवस
प्रशिक्षण वजीफा₹1,000
यात्रा व्यय प्रतिपूर्तिअधिकतम ₹200 प्रतिदिन (10 प्रशिक्षण दिवसों तक)
बीपीएल, विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं के लिए सब्सिडीई-रिक्शा की लागत का 50%
अन्य पात्र महिलाओं के लिए सब्सिडीई-रिक्शा की लागत का 30%
बीपीएल श्रेणी की आय सीमा₹1,80,000 प्रति वर्ष तक
अन्य श्रेणी की आय सीमा₹3,00,000 प्रति वर्ष तक
विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं की आय सीमाकोई आय सीमा नहीं
न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताकक्षा 8वीं उत्तीर्ण
प्रारंभिक लाभार्थियों की संख्या1,000 महिलाएं
बीपीएल श्रेणी400 महिलाएं
विधवा एवं तलाकशुदा श्रेणी100 महिलाएं
अन्य पात्र श्रेणी500 महिलाएं
चयन प्रक्रियापहले आओ, पहले पाओ के आधार पर जिला चयन समिति द्वारा सत्यापन के बाद
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन (HWDC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से)
आधिकारिक दिशा-निर्देशहरियाणा राजपत्र PDF डाउनलोड करें
HWDC वेबसाइटhwdcl.org
महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइटwcdhry.gov.in
संपर्क नंबर0172-2560349
ईमेलhwdc@hry.nic.in

हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना के लाभ

हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना का परिचय: एक संक्षिप्त विवरण

हरियाणा सरकार महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। परिवहन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं होने के बावजूद अधिकांश महिलाएं ड्राइविंग प्रशिक्षण, लाइसेंस बनवाने की लागत और ई-रिक्शा खरीदने के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन न होने के कारण इस क्षेत्र से जुड़ नहीं पातीं। इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 30 सितंबर 2025 को हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना की अधिसूचना जारी की, जिसे 17 नवंबर 2025 को हरियाणा राजपत्र में प्रकाशित किया गया।

इस योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा द्वारा हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) के सहयोग से किया जाएगा। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार करना, उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही महिलाओं में सुरक्षित ड्राइविंग, सड़क सुरक्षा और उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना के अंतर्गत चयनित महिलाओं को 10 कार्य दिवसों का निःशुल्क ई-रिक्शा ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का पूरा खर्च, जीएसटी, लर्नर लाइसेंस और स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस का शुल्क सरकार वहन करेगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹1,000 का वजीफा तथा अधिकतम ₹200 प्रतिदिन यात्रा व्यय प्रतिपूर्ति भी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त बीपीएल, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को ई-रिक्शा खरीदने पर 50% सब्सिडी तथा अन्य पात्र महिलाओं को 30% सब्सिडी दी जाएगी। योजना के प्रथम चरण में 1,000 महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

18 से 45 वर्ष आयु की हरियाणा की स्थायी निवासी महिलाएं, जिन्होंने कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो तथा जिनकी दृष्टि सामान्य हो और रंग पहचानने में कोई समस्या न हो, इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा आवेदन आमंत्रित करने के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद HWDC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। पात्र महिलाओं का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

हरियाणा की महिलाएं आर्थिक सहायता के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं, जिसके तहत पात्र महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी के लिए हरियाणा सरकार की सभी योजनाएं भी देखी जा सकती हैं।

पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ

हरियाणा सरकार द्वारा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना के तहत चयनित महिलाओं को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाएंगे:

  • 10 कार्य दिवस का निःशुल्क ई-रिक्शा ड्राइविंग प्रशिक्षण
  • प्रशिक्षण शुल्क एवं लागू जीएसटी का पूरा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा
  • लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस तथा स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी
  • प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक लाभार्थी को ₹1,000 का प्रशिक्षण वजीफा प्रदान किया जाएगा
  • प्रशिक्षण के दौरान आने-जाने के लिए अधिकतम ₹200 प्रतिदिन की दर से यात्रा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी
  • ई-रिक्शा खरीदने पर श्रेणी के अनुसार निम्नलिखित सब्सिडी प्रदान की जाएगी:
    • बीपीएल, विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं को ई-रिक्शा की लागत का 50% तक अनुदान
    • अन्य पात्र महिलाओं (वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक) को ई-रिक्शा की लागत का 30% अनुदान
  • ई-रिक्शा की शेष लागत के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराने में संबंधित विभाग सहायता करेगा
  • योजना के प्रथम चरण में कुल 1,000 महिलाओं को लाभ दिया जाएगा, जिनमें:
    • बीपीएल श्रेणी की 400 महिलाएं
    • विधवा एवं तलाकशुदा श्रेणी की 100 महिलाएं
    • अन्य पात्र श्रेणी की 500 महिलाएं

पात्रता की आवश्यक शर्तें

हरियाणा सरकार की नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना के तहत निःशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण, ई-रिक्शा खरीद पर सब्सिडी तथा अन्य लाभ केवल उन्हीं महिला आवेदिकाओं को प्रदान किए जाएंगे जो निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं:

  • आवेदिका हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए
  • आयु 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए
  • न्यूनतम कक्षा 8वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है
  • आवेदिका की दृष्टि सामान्य होनी चाहिए तथा उन्हें रंग अंधापन (Colour Blindness) की समस्या नहीं होनी चाहिए
  • वार्षिक पारिवारिक आय निम्नानुसार होनी चाहिए:
    • बीपीएल परिवार: ₹1,80,000 प्रति वर्ष तक
    • अन्य पात्र श्रेणी: ₹3,00,000 प्रति वर्ष तक
    • विधवा एवं तलाकशुदा महिलाएं: कोई आय सीमा नहीं
  • ई-रिक्शा खरीद पर सब्सिडी का लाभ एक परिवार की केवल एक महिला को ही मिलेगा

संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज

हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदिका को निम्नलिखित दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे:

  • परिवार पहचान पत्र (PPP ID)
  • आधार कार्ड
  • हरियाणा का निवास प्रमाण पत्र
  • न्यूनतम कक्षा 8वीं उत्तीर्ण का शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र या वैध बीपीएल कार्ड (जहां लागू हो)
  • पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (केवल विधवा आवेदिकाओं के लिए)
  • हाल ही के दो रंगीन पासपोर्ट आकार के फोटो
  • बैंक खाते का विवरण
  • सक्रिय मोबाइल नंबर
  • स्व-घोषणा पत्र/शपथ पत्र, जिसमें यह घोषणा की गई हो कि ई-रिक्शा का संचालन केवल लाभार्थी महिला स्वयं करेगी, उनके पति द्वारा नहीं

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी कैसे आवेदन कर सकते हैं

हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) द्वारा आवेदन आमंत्रित करने के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद पात्र महिलाएं नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। आवेदन प्राप्त होने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन, लाभार्थियों का चयन, ड्राइविंग प्रशिक्षण और ई-रिक्शा खरीद पर सब्सिडी की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। आवेदन की पूरी प्रक्रिया नीचे दी गई है:

स्टेप 1: सबसे पहले हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार करें। इसी विज्ञापन में आवेदन प्रारंभ होने की तिथि, अंतिम तिथि, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश प्रकाशित किए जाएंगे।

स्टेप 2: आवेदन शुरू होने पर हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना के ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3: आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें। इसमें व्यक्तिगत विवरण, आधार संख्या, परिवार पहचान पत्र (PPP) का विवरण, शैक्षणिक योग्यता, वार्षिक पारिवारिक आय, श्रेणी (बीपीएल, विधवा, तलाकशुदा अथवा अन्य), बैंक खाते का विवरण और निवास संबंधी जानकारी शामिल होगी।

स्टेप 4: इसके बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करें। इनमें परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड या पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (जहां लागू हो), पासपोर्ट आकार का फोटो तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र शामिल होगा, जिसमें यह घोषणा करनी होगी कि ई-रिक्शा केवल लाभार्थी महिला स्वयं चलाएगी।

स्टेप 5: आवेदन पत्र में दर्ज सभी जानकारियों की एक बार पुनः जांच करें और आवेदन ऑनलाइन जमा कर दें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद प्राप्त पावती या आवेदन संदर्भ संख्या भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

स्टेप 6: प्राप्त आवेदनों की जांच जिला चयन समिति द्वारा की जाएगी। समिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस), हरियाणा महिला विकास निगम के जिला प्रबंधक, लाइसेंसिंग प्राधिकरण का एक प्रतिनिधि तथा ड्राइवर प्रशिक्षण संस्थान का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। केवल पात्र एवं पूर्ण दस्तावेजों वाले आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा।

स्टेप 7: पात्र महिलाओं का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में 1,000 महिलाओं को लाभ दिया जाएगा, जिनमें 400 बीपीएल महिलाएं, 100 विधवा एवं तलाकशुदा महिलाएं तथा 500 अन्य पात्र श्रेणी की महिलाएं शामिल हैं। यदि किसी श्रेणी की सीटें रिक्त रहती हैं तो उन्हें अन्य पात्र आवेदकों को आवंटित किया जा सकता है।

स्टेप 8: चयनित महिलाओं को 10 कार्य दिवसों का निःशुल्क ई-रिक्शा ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में व्यावहारिक ड्राइविंग, सड़क सुरक्षा, यातायात नियम, संचार कौशल, ड्राइविंग शिष्टाचार तथा केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार निर्धारित विषय शामिल होंगे। प्रशिक्षण शुल्क, लाइसेंस शुल्क, वजीफा और पात्र यात्रा व्यय सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

स्टेप 9: प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जिला प्रबंधक लाभार्थियों को लर्नर तथा स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में सहायता करेंगे। इसके साथ ही ई-रिक्शा खरीदने के लिए बैंक ऋण की प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी। पात्र बीपीएल, विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं को ई-रिक्शा की लागत पर 50% सब्सिडी तथा अन्य पात्र महिलाओं को 30% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

स्टेप 10: सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लाभार्थी महिला ई-रिक्शा खरीदकर अपना स्वरोजगार शुरू कर सकती है। योजना की शर्तों के अनुसार ई-रिक्शा का संचालन स्वयं लाभार्थी महिला द्वारा किया जाना अनिवार्य होगा तथा विभाग समय-समय पर इसकी निगरानी भी करेगा।

यदि आवेदन, दस्तावेज सत्यापन, प्रशिक्षण, बैंक वित्तपोषण या सब्सिडी से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता चाहिए, तो अपने जिले के हरियाणा महिला विकास निगम के जिला प्रबंधक अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

उपलब्ध महत्वपूर्ण लिंक

सहायता के लिए संपर्क विवरण

  • विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा सरकार
  • संपर्क नंबर: 0172-2560349
  • कार्यान्वयन एजेंसी: हरियाणा महिला विकास निगम लिमिटेड (HWDC)
  • ईमेल: hwdc@hry.nic.in
  • ईमेल: hwdc1982@gmail.com
  • स्थानीय स्तर पर: आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन और सब्सिडी संबंधी सहायता के लिए अपने जिले के HWDC जिला प्रबंधक या महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय से संपर्क करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न. हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना क्या है?

उत्तर. हरियाणा नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) के सहयोग से संचालित एक महिला सशक्तिकरण योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को 10 दिनों का निःशुल्क ई-रिक्शा ड्राइविंग प्रशिक्षण, ई-रिक्शा खरीद पर सब्सिडी तथा स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

प्रश्न. इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकती है?

उत्तर. हरियाणा की स्थायी निवासी 18 से 45 वर्ष आयु की वे महिलाएं आवेदन कर सकती हैं जिन्होंने कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो। बीपीएल श्रेणी की महिलाओं की वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख तक तथा अन्य श्रेणी की महिलाओं की आय ₹3 लाख तक होनी चाहिए। विधवा और तलाकशुदा महिलाओं पर आय सीमा लागू नहीं होती।

प्रश्न. इस योजना के तहत कौन-कौन से लाभ मिलते हैं?

उत्तर. चयनित महिलाओं को 10 दिनों का निःशुल्क ई-रिक्शा ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्नर एवं स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में सहायता, ₹1,000 का प्रशिक्षण वजीफा, प्रतिदिन अधिकतम ₹200 तक यात्रा व्यय की प्रतिपूर्ति तथा ई-रिक्शा खरीदने पर निर्धारित दर से सब्सिडी प्रदान की जाती है।

प्रश्न. ई-रिक्शा खरीदने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?

उत्तर. बीपीएल, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को ई-रिक्शा की लागत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। अन्य पात्र महिलाओं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक है, उन्हें 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। शेष राशि के लिए बैंक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।

प्रश्न. क्या न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है?

उत्तर. हां। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदिका का कम से कम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

प्रश्न. ई-रिक्शा ड्राइविंग प्रशिक्षण कितने दिनों का होगा?

उत्तर. प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 कार्य दिवसों का होगा। इसमें ई-रिक्शा चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण, सड़क सुरक्षा, यातायात नियम, संचार कौशल और ड्राइविंग शिष्टाचार से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रश्न. लाभार्थियों का चयन किस प्रकार किया जाएगा?

उत्तर. पात्र आवेदनों का सत्यापन जिला चयन समिति द्वारा किया जाएगा। चयन मुख्य रूप से पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा। योजना के प्रारंभिक चरण में 1,000 महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रश्न. क्या एक ही परिवार की दो महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं?

उत्तर. नहीं। ई-रिक्शा खरीद पर सब्सिडी का लाभ एक परिवार से केवल एक महिला को ही दिया जाएगा।

प्रश्न. क्या लाभार्थी अपने ई-रिक्शा को किसी अन्य व्यक्ति से चलवा सकती है?

उत्तर. नहीं। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वयं रोजगार उपलब्ध कराना है। इसलिए लाभार्थी महिला को स्वयं ई-रिक्शा चलाना होगा। आवेदन के समय शपथ पत्र भी देना होगा कि ई-रिक्शा उनके पति या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं चलाया जाएगा।

प्रश्न. इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

उत्तर. हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) द्वारा आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद इच्छुक महिलाएं HWDC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन पत्र भरने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर अंतिम रूप से जमा करना होगा।

प्रश्न. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद क्या प्रक्रिया होगी?

उत्तर. प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद जिला प्रबंधक लाभार्थी को ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने, बैंक ऋण की प्रक्रिया पूरी कराने तथा ई-रिक्शा खरीदने में आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे। पात्रता के अनुसार सरकारी सब्सिडी भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी की जाएगी।

प्रश्न. इस योजना का संचालन कौन करता है?

उत्तर. इस योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) के सहयोग से किया जा रहा है।

Leave a Comment