केंद्र सरकार द्वारा पीएम राहत योजना के तहत पूरे भारत में सड़क दुर्घटना में घायल हुवे पीड़ितों को मुफ्त और बिना नकद भुगतान के चिकित्सा उपचार का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पात्र घायल व्यक्तियों दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक होने वाले अधिकतक 1,50,000 रुपये के उपचार का खर्च का लाभ प्राप्त होगा।
योजना के बारे में पूरी जानकारी के लिए पूरा लेख पढ़ें।
पीएम राहत योजना की मुख्य विशेषताएं | |
|---|---|
| योजना का नाम | पीएम राहत योजना। |
| शुरुआत की तिथि | 14-02-2026. |
| प्रदान किए जाने वाले लाभ | 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज |
| पात्र लाभार्थी | सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति। |
| नोडल विभाग | सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय। |
| आवेदन कैसे करें | पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। |
| योजना अंग्रेजी में पढ़े | PM RAHAT Scheme. |
| फ्री योजना अपडेट | व्हाट्सएप | टेलीग्राम |

पीएम राहत योजना का परिचय: एक संक्षिप्त विवरण
- केंद्र सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल हुवे पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना को सर्वप्रथम दिनांक 14-03-2024 को चंडीगढ़ और असम में एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया था।
- इसके पश्चात दिनांक 05-05-2025 को सरकार द्वारा इस योजना का विस्तार पूरे देश में कर दिया गया।
- 14 फरवरी 2026 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आधिकारिक तौर पर इसे “पीएम राहत योजना” (PM RAHAT Scheme) के नाम से राष्ट्र स्तर पर लॉन्च कर दिया गया।
- पीएम राहत योजना का पूरा नाम “प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ितों के अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार योजना” है।
- सरकार द्वारा पीएम राहत योजना शुरू करने का मुख्य उद्देश्य एक मजबूत आपातकालीन देखभाल प्रणाली का निर्माण करना है जिसके माध्यम से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर के दौरान तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राज्य की स्वास्थ्य एजेंसियों, पुलिस विभागों और अस्पतालों के समन्वय से इस योजना को लागू किया जा रहा है।
- पीएम राहत योजना के तहत सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुवे लोगों को मुफ्त और कैशलेस उपचार का लाभ प्रदान किया जायेगा।
- केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत पीड़ितों को 1,50,000 रुपये तक के उपचार का लाभ दिया जायेगा।
- यह योजना दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक के चिकित्सा खर्चों को कवर करती है।
- इस योजना का लाभ भारत में किसी भी श्रेणी की सड़क पर किसी भी मोटर वाहन द्वारा होने वाली सभी प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगा।
- पीएम रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट स्कीम के तहत कैशलेस इलाज का लाभ प्राप्त करने के लिए पीड़ितों को आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में ही अपना इलाज कराना होगा।
- पीड़ित या उसके सहायक को दुर्घटना हो जाने के 24 घंटे के भीतर पुलिस को सूचित करना होगा।
- इस योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा उपचार के लिए मरीज से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा।
- अस्पताल द्वारा मुफ्त और कैशलेस चिकित्सा सेवा प्रदान करने के बाद सरकार से प्रतिपूर्ति का दावा किया जायेगा।
- इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा “हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा योजना” के तहत सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को आर्थिक सहायता का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
- और, केंद्र सरकार की ही अन्य योजना जिसका नाम “राह-वीर योजना” है के तहत, यदि किसी राहगीर यानी नेक इंसान द्वारा सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की गोल्डन ऑवर में मदद की जाएगी तो सरकार द्वारा उसे 25,000/- रुपये का इनाम दिया जायेगा।
- केंद्र सरकार की सभी योजनाओं की पूरी सूची यहां देखी जा सकती है।

पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ
- पीएम राहत योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-
- 1,50,000 रुपये तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार।
- दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक चिकित्सा देखभाल की सुविधा।
- किसी भी प्रकार की सड़क पर किसी भी मोटर वाहन द्वारा होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं के लिए कवरेज।
- उपचार पैकेज में आघात और बहुआघात संबंधी देखभाल शामिल है।
- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 30,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार उपलब्ध है ।
- पीएम राहत योजना द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को भारत में अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क में तत्काल और आर्थिक रूप से तनावमुक्त चिकित्सा उपचार मिल सके।
पात्रता की आवश्यक शर्तें
- पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों को निःशुल्क नकद उपचार तभी मिल सकता है जब उनके द्वारा योजना की निम्नलिखित पात्रता की शर्तों को पूर्ण किया जायेगा :-
- दुर्घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर पुलिस को देनी होगी।
- दुर्घटना होने के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होना होगा।
- केवल आयुष्मान भारत-पीएम जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में ही इलाज निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा।
- इस योजना में आघात और बहुआघात संबंधी चोटों का उपचार शामिल है।
- दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक मुफ्त कैशलेस उपचार का लाभ घायल को दिया जायेगा।
- इस योजना का लाभ भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज
- पीएम राहत योजना के तहत मुफ्त और कैशलेस इलाज का लाभ प्राप्त करने के लिए पीड़ित को अस्पताल में एक बुनियादी पहचान पत्र दिखाना होगा :-
- अस्पताल द्वारा आवश्यकता होने पर निम्नलिखित जानकारी की मांग की जा सकती है :-
- घायल व्यक्ति का आधार कार्ड, या
- सरकार द्वारा जारी किया गया कोई भी वैध फोटो पहचान पत्र।
- अस्पताल के कर्मचारी द्वारा पहचान की पुष्टि करने के बाद अपनी ओर से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएगी।
- इस योजना के तहत उपचार प्राप्त करने के लिए किसी भी जटिल कागजी कार्रवाई या पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
- अस्पताल द्वारा आवश्यकता होने पर निम्नलिखित जानकारी की मांग की जा सकती है :-
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी कैसे आवेदन कर सकते हैं
- पीएम राहत योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए किसी भी आवेदन पत्र को भरने या किसी भी प्रकार के पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
- यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो उसे सीधे अस्पताल में मुफ्त और कैशलेस उपचार दिया जायेगा।
- इस योजना का लाभ भारतीय नागरिक और विदेशी नागरिक दोनों उठा सकते हैं।
- यदि किसी सड़क पर मोटर वाहन से किसी दुर्घटना में कोई व्यक्ति घायल हो जाता है, तो उसे तुरंत निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल में भर्ती किया जायेगा।
- आसपास मौजूद लोग, पुलिसकर्मी, एम्बुलेंस कर्मी या कोई भी मददगार व्यक्ति घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में सहायता कर सकता है।
- प्रधानमंत्री राहत योजना में कैशलेस और मुफ्त इलाज केवल उन्ही अस्पताल में दिया जायेगा जो आयुष्मान भारत – पीएम जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध होंगे।
- पीड़ित या सहायता करने वालों को दुर्घटना के बारे में पुलिस को सूचित कर घटना के 24 घंटे के भीतर घायल को अस्पताल में भर्ती करना होगा।
- अस्पताल के कर्मचारी द्वारा पीएम राहत योजना से संबंधित सभी कागजी कार्रवाई अस्पताल में ही पूरी की जाएगी।
- घायल व्यक्ति या उसके परिवार को किसी भी प्रकार के दस्तावेज नहीं भरने होंगे।
- मुफ्त इलाज प्रदान करने के बाद, सूचीबद्ध अस्पताल द्वारा सरकार से इलाज का खर्च वसूला जायेगा।
- सरकार द्वारा मोटर वाहन दुर्घटना कोष से अस्पताल को भुगतान किया जायेगा।
सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को अस्पताल कौन ले जा सकता है?
- पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के बाद कोई भी नागरिक घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जा सकते हैं। जो व्यक्ति घायल को अस्पताल ले जाने के लिए पात्र माना जायेगा उनका निम्नलिखित है :-
- यदि घायल व्यक्ति की स्थिति ऐसी हो की वह स्वयं अस्पताल जा कर भर्ती हो सके।
- पुलिस अधिकारी भी पीड़ित को तुरंत पास के अस्पताल में ले जा सकते हैं।
- एम्बुलेंस कर्मी या कोई भी मददगार तीसरा पक्ष घायल व्यक्ति को इलाज के लिए ले जा सकता है।
- दुर्घटना में शामिल वाहन का चालक या मालिक द्वारा भी ये सुनिश्चित किया जायेगा कि पीड़ित व्यक्ति सही समय पर अस्पताल पहुंच जाए।
- पीड़ित के साथ यात्रा कर रहा कोई सहयात्री अस्पताल में घायल व्यक्ति को भर्ती करा सकता है।
- परिवार के सदस्य घायल व्यक्ति को चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल ले जा सकते हैं।
- नेक लोग (जो लोग आपातकालीन स्थिति में स्वेच्छा से मदद करते हैं) यानी राहगीर भी पीड़ित को अस्पताल ले जा सकते हैं।
- घटनास्थल पर मौजूद कोई भी सरकारी एजेंसी या परिवहन अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था कर सकते है।
उपलब्ध महत्वपूर्ण लिंक
सहायता के लिए संपर्क विवरण
- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का संपर्क विवरण।
- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का पता :-
परिवहन भवन, 1 पार्लियामेंट स्ट्रीट,
नई दिल्ली – 110001।
तबस्सुम एक सीनियर कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें केंद्रीय एवं राज्य सरकारी योजनाओं पर अच्छी तरह से शोधित और उपयोगकर्ता-अनुकूल सामग्री लिखने का 5 वर्षों का अनुभव है।
